About

Marm Gyan  
मर्म अत्यंत पुरानी भारतीय चिकित्सा पद्धति (Treatment process) है | ऋग्वेद में इसका ज़िक्र मर्म चिकित्सा के रूप में किया गया है। माना जाता है कि देवताओं के वैद्य अश्विनी कुमार बिमारिओं के इलाज के लिए मर्म चिकित्सा का इस्तेमाल किया करते थे | मर्म ज्ञान मानता है कि सभी बीमारियों का इलाज प्राकृतिक रूप से संभव है | मर्म ज्ञान में बिमारिओं के इलाज के साथ मरीज़ों को उनकी बिमारी या तकलीफ़ के बारे में भी जानकारी दी जाती है | 
ज्यादातर लोग परेशानी इसलिए झेलते हैं क्योंकि उन्हें पता हीं नहीं होता है कि उनकी तकलीफों का इलाज मौजूद है | हम जानते हैं कि प्राकृतिक रूप से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्तियाँ मौजूद होती हैं | रोग प्रतिरोधक शक्तियाँ हीं हमें बिमारियों से लड़ने में मदद करती हैं | खुद को प्राकृतिक रूप से ठीक रखने के लिए हमें अपने इन्हीं रोग प्रतिरोधक शक्तियों पर मेहनत करनी पड़ती है | जब तक हम बीमारी को समझते नहीं है तब तक उसका इलाज भी सम्भव नहीं है | इसीलिए हमारा बिमारियों के प्रति जागरूक होना अति आवश्यक है | 
About Me
1995 की सर्दियों में, मुझे एक्यूप्रेशर के बारे में जानकारी हुई। उस समय मुझे चिकित्सा बिंदुओं (Acupressure points) को सही ढंग से ढूंढने में मुश्किल होती थी | इसलिए, मैंने शारीरिक बनावट पर आधारित किताब “Anatomy of human body” पढ़ी, जिससे मुझे चिकित्सा बिंदुओं (Acupressure points) को ढूंढने में काफी मदद मिली | जल्द ही, मैं अपने क्षेत्र में मोबाइल डॉक्टर के रूप में पहचाना जाने लगा क्योंकि मेरे द्वारा की गई चिकित्सा से मरीज़ों को चमत्कारिक रूप से फायदा होने लगा |
My Motivation
कोरोना महामारी के ठीक पहले मैं टी. बी. से ग्रषित था | एक रात मैंने मौत को बिलकुल करीब से महसूस किया और उस रात मैंने निर्णय किया कि मैं अब न सिर्फ अपने स्वास्थ्य को सुधारूँगा बल्कि लोगों को भी स्वास्थ्य लाभ में मदद करूँगा | इसलिए कोरोना के दौरान हीं मैंने मुंबई में एक्यूप्रेशर चिकित्सा (Started Practice Acupressure professionally) शुरू कर दी | रिसर्च और प्रैक्टिस (Research and Practice) के दौरान मुझे पता चला कि एक्यूप्रेशर चिकित्सा वास्तव में भारत की अत्यंत प्राचीन चिकित्सा पद्धति “मर्म चिकित्सा” का एक सूक्ष्म अंग है | इसके बाद मेरा रुझान मर्म चिकित्सा के प्रति बढ़ गया | जब मेरे इलाज के बाद मरीजों को थोड़ा भी आराम महसूस होता, तो मुझे उससे बहुत संतुष्टि (Satisfaction) और प्रेरणा (Motivation) मिलती थी | मुझे किसी भी बीमारी की जटिलता या इलाज ना हो पाने की चुनौतियाँ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
My Patients
ईश्वर की कृपा से मुझे अपने ज्यादातर मरीज़ों को आराम देने में सफलता मिली है | 3 वर्ष से 83 वर्ष तक रोगियों में कई तरह की बीमारियाँ और विकार थे | उनका जिक्र मैं यहाँ नहीं करना चाहता | उनमें से कुछ इलाज कराकर थक चुके थे |